हमारी सेवाएं

अन्न प्रसादम

मीरा दल सबके भोजन के लिए सेवा में अन्न प्रसादम (भंडारे) का आयोजन करती है। यह सेवा शहर के सरकारी अस्पतालों में मरीजों के साथ आए परिजनों, जरूरतमंदों और भूखे लोगों एवं राहगीर (मुसाफिरों) के लिए भोजन की व्यवस्था करती है। जिससे कि उन्हें इलाज के इलावा खाने के लिए आर्थिक तंगी ना आये। यह सेवा पिछले 2 सालों से लगातार चल रही है, संस्था का उद्देश्य भोजन के द्वारा सबकी भूख मिटाना और समाज में आपसी भाईचारे को बढ़ावा देना है।

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गौ ग्रास सेवा

हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार गाय को देवी माँ माना जाता है और उसमें 33 कोटि देवी देवताओं का निवास होता है। हम सभी को गौ माता की सेवा करनी चाहिए।

गौ सेवा करने वाला व्यक्ति पुण्य का भागीदार होता है। भगवान श्री कृष्ण जी गौ माता को कामधेनु ही मानते हैं।

हमारे ग्रंथों और पुराणों में कहा है कि प्रत्येक व्यक्ति अपने घर से गौ ग्रास निकाले तथा भोजन बनाते समय प्रथम रोटी गौ सेवा में दे। ऐसा होने पर घर में कभी निर्धनता नहीं होती और परिवार में भी आपसी प्रेम बना रहता है। क्योंकि गौ ग्रास का सेवन करने वाली गौ माता का आशीर्वाद उस परिवार पर सदैव बना रहता है और बरकत भी होती है।

हमारी संस्था गौ सेवा के लिए प्रतिदिन लगभग 800 घरों से गाय के लिए गौ ग्रास एकत्रित करती है। सेवा के लिए संस्था तीन पहिया रेडी से, सभी घरों से हरा चारा, सब्जियां, रोटी, आटा तथा इसके अलावा और भी खाद्य पदार्थ इकट्ठा करती है और फिर निकटम गोपाल गौशाला को पहुंचाती है। यह सेवा 4 साल से लगातार चल रही है। आओ योगदान करें और जीवन सार्थक करें।

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हरि-नाम संकीर्तन

भगत जी के द्वारा पिछले कुछ दशकों से कीर्तन के माध्यम से लोगों तक हरि नाम का प्रचार हो रहा है। आज के आधुनिक दौर में लोगों के पास धर्म के लिए समय का बहुत अभाव है। कीर्तन के द्वारा कुछ पल हम अपने भगवान के साथ गुजार सके और उनका नाम सिमरन कर सके, इसलिए कीर्तन को राम-नाम प्रचार का माध्यम बनाया है।  इस सेवा को निशुल्क भाव से लोगों के घरों में, मंदिरों में और सार्वजनिक स्थानों पर किया जाता है। इसमें सुंदरकांड,  रामायण, हरि-नाम संकीर्तन माध्यम रहता है और सत्संग प्रवचन भी होता है

भगत जी के द्वारा पिछले कुछ दशकों से कीर्तन के माध्यम से लोगों तक हरि नाम का प्रचार हो रहा है। आज के आधुनिक दौर में लोगों के पास धर्म के लिए समय का बहुत अभाव है। कीर्तन के द्वारा कुछ पल हम अपने भगवान के साथ गुजार सके और उनका नाम सिमरन कर सके, इसलिए कीर्तन को राम-नाम प्रचार का माध्यम बनाया है।  इस सेवा को निशुल्क भाव से लोगों के घरों में, मंदिरों में और सार्वजनिक स्थानों पर किया जाता है। इसमें सुंदरकांड,  रामायण, हरि-नाम संकीर्तन माध्यम रहता है और सत्संग प्रवचन भी होता है

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तीर्थ धाम यात्रा

भगत जी के द्वारा पिछले कुछ दशकों से कीर्तन के माध्यम से लोगों तक हरि नाम का प्रचार हो रहा है। आज के आधुनिक दौर में लोगों के पास धर्म के लिए समय का बहुत अभाव है। कीर्तन के द्वारा कुछ पल हम अपने भगवान के साथ गुजार सके और उनका नाम सिमरन कर सके, इसलिए कीर्तन को राम-नाम प्रचार का माध्यम बनाया है।  इस सेवा को निशुल्क भाव से लोगों के घरों में, मंदिरों में और सार्वजनिक स्थानों पर किया जाता है। इसमें सुंदरकांड,  रामायण, हरि-नाम संकीर्तन माध्यम रहता है और सत्संग प्रवचन भी होता है

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मोटिवेशन क्लासेज

हमारी संस्था कन्याओं के लिए उनकी शिक्षाओं में अपना योगदान करती है। वृद्ध लोगों के लिए उनके वृद्ध आश्रमों में सेवा करती है। पर्यावरण एवं जीव संरक्षण में अपना योगदान प्रदान करती है। शिक्षा, ज्ञान एवं संस्कार का प्रचार-प्रसार करती है और समय-समय पर बच्चों में जागरूकता और प्रेरणा के लिए कक्षाएं लगाती है।

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